Diwakar Gulab Pendam
Diwakar Gulab Pendam एक सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व सैनिक हैं, जो Usegav में स्थित हैं। वे सामाजिक न्याय, आदिवासी कल्याण और महाराष्ट्र में जमीनी स्तर के विकास के लिए अपने समर्पण के लिए व्यापक रूप से जाने जाते हैं।
प्रारंभिक जीवन
Diwakar Gulab Pendam का जन्म 28 मई 1968 को Usegav में हुआ था।
शिक्षा
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं तक पूरी की है और उन्हें सामाजिक न्याय के क्षेत्र में मानद "डॉक्टर प्रोफेसर" की उपाधि प्राप्त है। वे निम्नलिखित पुरस्कारों से भी सम्मानित हैं:
- राष्ट्रीय अंबेडकर पुरस्कार
- देश रत्न आदिवासी सेवक राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार
करियर
Diwakar Gulab Pendam ने भारतीय सेना में 17 वर्षों तक सेवा दी। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने अपना जीवन पूर्ण रूप से सामाजिक सेवा के लिए समर्पित कर दिया।
पिछले 23 से अधिक वर्षों से वे चंद्रपुर और गडचिरोली जिलों के 300 से अधिक आदिवासी गांवों में कार्य कर रहे हैं, विशेष रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में।
उनके कार्यों में शामिल हैं:
- मानवाधिकार संरक्षण
- नशामुक्ति अभियान
- महिला सशक्तिकरण
- शिक्षा और जागरूकता
- रोजगार सृजन
- आदिवासी विकास
करियर की मुख्य उपलब्धियां
- 4.5 महीने का ऐतिहासिक आंदोलन नेतृत्व किया
- उपलब्धियां:
- सुरजागढ़ में स्टील उद्योग की मंजूरी - विश्वविद्यालय की स्थापना - रेलवे एवं सिंचाई परियोजनाएं - 216 गांवों का विकास
- श्रमिकों के अधिकारों के लिए 120 दिन का भूख हड़ताल
- 300+ गांवों में मूलभूत सुविधाएं बहाल की:
- सड़क - बिजली - पेयजल - शिक्षा - स्वास्थ्य सेवा
- 19+ वर्षों से लाखों भक्तों के लिए महाभोज का आयोजन
- अपनी पेंशन (~₹50,000 प्रति माह) सामाजिक सेवा में दान करते हैं
विस्तृत सामाजिक कार्य
उन्होंने निम्न क्षेत्रों में सक्रिय कार्य किया है:
- आदिवासी अधिकारों की रक्षा (जल, जंगल, जमीन)
- अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता
- युवाओं का मार्गदर्शन और शिक्षा सहयोग
- पुस्तकालय एवं कोचिंग केंद्रों की स्थापना
- रोजगार के माध्यम से पलायन रोकना
- नए सामाजिक कार्यकर्ताओं का निर्माण
उपलब्धियां
Diwakar Gulab Pendam को अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं:
- राष्ट्रीय अंबेडकर पुरस्कार
- देश रत्न पुरस्कार (2025)
- प्राइड ऑफ नेशन पुरस्कार
- इंटरनेशनल आइकन अवार्ड
- CEO लीडरशिप इम्पैक्ट अवार्ड
- समाज सेवा शिरोमणि पुरस्कार
- भारत रत्न आइकॉनिक अवार्ड (2025)
- ग्रेट इंडियन पार्लियामेंटरी अवार्ड (2026)
- भारत गौरव सम्मान
- ग्लोबल लीडरशिप अवार्ड
- ग्लोरी ऑफ इंडिया अवार्ड
विश्व रिकॉर्ड
- फोर्ब्स बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड
- लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड
- यूएन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड
मानद उपाधियां
- नेशनल एम्बेसडर फॉर सोशल जस्टिस
- डॉक्टर ऑफ लिटरेचर (D.Litt.) – USA
- मानद डॉक्टरेट (मैजिक एंड आर्ट यूनिवर्सिटी, हरियाणा)
नेतृत्व भूमिकाएं
- अध्यक्ष – ट्राइबल ऑटोनॉमस काउंसिल
- राष्ट्रीय सचिव – अखिल भारतीय गोंडवाना गोंड महासभा
मीडिया कवरेज
- वाशिंगटन पोस्ट में प्रकाशित (सामाजिक आंदोलन)
- लंदन हेराल्ड (जनवरी 2026 विशेष लेख)
पद्म श्री नामांकन
Diwakar Gulab Pendam को पद्म श्री पुरस्कार 2026 के लिए नामांकित किया गया है।
उनके लिए 15 राज्यों से सिफारिशें प्राप्त हुई हैं और समर्थन मिला है:
- सामाजिक संगठनों से
- आदिवासी संगठनों से
- राष्ट्रीय नेताओं से
राष्ट्रपति को पत्र
भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को पद्म श्री पुरस्कार के लिए उनके नाम की सिफारिश हेतु औपचारिक अनुरोध प्रस्तुत किया गया।
पत्र में उल्लेख:
- 17 वर्ष की सैन्य सेवा
- 23+ वर्ष की सामाजिक सेवा
- 300+ गांवों में कार्य
- राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान
- मजबूत सिफारिश
प्रस्तुतकर्ता: डॉ. अनिल कुमार शाह सहायक प्रोफेसर एस.एस. यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश
मान्यता एवं प्रभाव
उनके कार्यों से:
- आदिवासी क्षेत्रों में विकास हुआ
- रोजगार के अवसर बढ़े
- मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हुईं
- पिछड़े क्षेत्रों में सामाजिक परिवर्तन आया
उनके कार्यों को सराहा गया है:
- सरकारी अधिकारियों द्वारा
- IAS अधिकारियों द्वारा
- सांसदों द्वारा
- अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों द्वारा
कार्यक्रम एवं सार्वजनिक गतिविधियां
- महाशिवरात्रि महाभोज (1 लाख+ लोगों) के आयोजक
- एम्बेसडर अवार्ड कार्यक्रम – रेडिसन ब्लू, ग्रेटर नोएडा (29 मार्च 2026)
विचारधारा
“संविधान केवल एक पुस्तक नहीं है, यह हमारे जीवन की आधारशिला है।”
नारे
- जय जोहार
- जय संविधान
- जय भीम
- जय हिंद
- जय भारत
- जय महाराष्ट्र
- जय सेवा
व्यक्तिगत जीवन
संपर्क विवरण:
- फोन: +91 9422839235
- ईमेल: diwakarpendam97@gmail.com
वे एक अनुशासित पूर्व सैनिक हैं जो अपनी पेंशन को सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित करते हैं।