Gourishankar Kashyap: Difference between revisions

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| caption      = गौरीशंकर कश्यप चित्र
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| occupation    = समाजसेवक, जनप्रतिनिधि, जिला पंचायत अध्यक्ष, अधिवक्ता, युवा नेतृत्व
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| position      = जिला पंचायत अध्यक्ष, गरियाबंद
| born          = 03 जून 1994
| born          = 03 जून 1994
| birth_place  = ग्राम गोहेकेला, पोस्ट मुंगझर, तहसील देवभोग, जिला गरियाबंद, छत्तीसगढ़, भारत
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| knownfor      = सामाजिक समरसता, ग्रामीण विकास, युवा नेतृत्व
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गौरीशंकर कश्यप एक भारतीय समाजसेवक, जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता तथा युवा नेतृत्व हैं, जो छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता और ग्रामीण विकास के लिए जाने जाते हैं।
गौरीशंकर कश्यप एक भारतीय समाजसेवक, जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता तथा युवा नेतृत्व हैं, जो छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता, जाति-मुक्त समाज और ग्रामीण विकास के लिए जाने जाते हैं। गौरीशंकर कश्यप वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष, गरियाबंद के रूप में कार्यरत हैं और युवाओं को संगठित करने तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।


==प्रारंभिक जीवन==
==प्रारंभिक जीवन==
गौरीशंकर कश्यप का जन्म 03 जून 1994 को ग्राम गोहेकेला, पोस्ट मुंगझर, तहसील देवभोग, जिला गरियाबंद, छत्तीसगढ़ में हुआ। एक साधारण परिवार से आने वाले गौरीशंकर कश्यप ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने के संकल्प के साथ अपने सामाजिक जीवन की शुरुआत की।
गौरीशंकर कश्यप का जन्म 03 जून 1994 को छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के ग्राम गोहेकेला में एक साधारण परिवार में हुआ। बचपन से ही वे सामाजिक कार्यों के प्रति जागरूक रहे और ग्रामीण जीवन की चुनौतियों को नजदीक से समझा।


==शिक्षा==
==शिक्षा==
गौरीशंकर कश्यप ने कला संकाय में परास्नातक तथा विधि स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके अतिरिक्त उन्होंने रामचरितमानस के माध्यम से सामाजिक उत्थान विषय में डिप्लोमा भी किया।
गौरीशंकर कश्यप ने कला संकाय में परास्नातक तथा विधि स्नातक (एलएलबी) की उपाधि प्राप्त की। इसके अतिरिक्त उन्होंने रामचरितमानस के माध्यम से सामाजिक उत्थान विषय में डिप्लोमा भी किया।


==कार्य जीवन==
==कार्य जीवन==
गौरीशंकर कश्यप ने समाजसेवक, जिला पंचायत अध्यक्ष, अधिवक्ता तथा युवा नेतृत्व के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है। उन्होंने अपने कार्य जीवन की शुरुआत सामाजिक सेवा से की तथा युवाओं को संगठित करने, गरीबों की सहायता करने और सामाजिक जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
गौरीशंकर कश्यप ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत सामाजिक संगठनों से की। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में जिला सह संयोजक तथा विश्व हिन्दू परिषद में जिला मंत्री के रूप में सक्रिय रहे। इन संगठनों के माध्यम से उन्होंने युवाओं को संगठित करने और सामाजिक समरसता के लिए कार्य किया।


जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में उन्होंने ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी कार्य करते हुए विकास तथा प्रशासन और जनता के बीच समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया।
वर्ष 2025 में वे जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए और इसके पश्चात जिला पंचायत अध्यक्ष, गरियाबंद के रूप में चुने गए। अपने कार्यकाल में उन्होंने ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को बढ़ावा देने और प्रशासन तथा जनता के बीच समन्वय स्थापित करने में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


==उपलब्धियाँ==
==उपलब्धियां==
गौरीशंकर कश्यप को एक युवा जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में उनके नेतृत्व के लिए जाना जाता है। उन्होंने जाति-मुक्त और समरस समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास किया। सामाजिक विरोध और बहिष्कार जैसी चुनौतियों के बावजूद वे अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे और समाज सेवा जारी रखी।
गौरीशंकर कश्यप को एक युवा और सक्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में पहचाना जाता है। उन्होंने कम आयु में जिला पंचायत अध्यक्ष का पद प्राप्त किया और सामाजिक समरसता के लिए निरंतर कार्य किया। उन्होंने अपने मानदेय को समाज सेवा हेतु समर्पित करने का निर्णय लिया, जिसे व्यापक सराहना मिली।
 
==सम्मान==
गौरीशंकर कश्यप को समाज सेवा और जनहित कार्यों के लिए दैनिक भास्कर द्वारा “प्राइड अवार्ड” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें दिल्ली में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के हाथों प्रदान किया गया।


==सामाजिक सेवा==
==सामाजिक सेवा==
गौरीशंकर कश्यप अपने मानदेय को जनकल्याण के कार्यों में दान करते हैं तथा जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। वे सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाते हैं तथा सामाजिक समरसता और ग्रामीण विकास के लिए विभिन्न अभियानों का नेतृत्व करते हैं।
गौरीशंकर कश्यप सामाजिक समरसता, जाति-मुक्त समाज और ग्रामीण विकास के लिए विभिन्न अभियानों का नेतृत्व करते हैं। वे जरूरतमंद परिवारों की सहायता, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार तथा किसानों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्यरत हैं।


==व्यक्तिगत जीवन==
==व्यक्तिगत जीवन==
गौरीशंकर कश्यप का उद्देश्य एक जाति-मुक्त, समरसता युक्त और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण करना है। उनका लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाना, युवाओं को सशक्त बनाना, किसानों को सुदृढ़ करना तथा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करना है।
गौरीशंकर कश्यप का उद्देश्य एक समरस, आत्मनिर्भर और जाति-मुक्त समाज का निर्माण करना है। वे युवाओं को नेतृत्व के लिए प्रेरित करने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।


==बाहरी कड़ियाँ==
==बाहरी कड़ियाँ==
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Latest revision as of 03:57, 9 April 2026

गौरीशंकर कश्यप एक भारतीय समाजसेवक, जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता तथा युवा नेतृत्व हैं, जो छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता, जाति-मुक्त समाज और ग्रामीण विकास के लिए जाने जाते हैं। गौरीशंकर कश्यप वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष, गरियाबंद के रूप में कार्यरत हैं और युवाओं को संगठित करने तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।

प्रारंभिक जीवन

गौरीशंकर कश्यप का जन्म 03 जून 1994 को छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के ग्राम गोहेकेला में एक साधारण परिवार में हुआ। बचपन से ही वे सामाजिक कार्यों के प्रति जागरूक रहे और ग्रामीण जीवन की चुनौतियों को नजदीक से समझा।

शिक्षा

गौरीशंकर कश्यप ने कला संकाय में परास्नातक तथा विधि स्नातक (एलएलबी) की उपाधि प्राप्त की। इसके अतिरिक्त उन्होंने रामचरितमानस के माध्यम से सामाजिक उत्थान विषय में डिप्लोमा भी किया।

कार्य जीवन

गौरीशंकर कश्यप ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत सामाजिक संगठनों से की। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में जिला सह संयोजक तथा विश्व हिन्दू परिषद में जिला मंत्री के रूप में सक्रिय रहे। इन संगठनों के माध्यम से उन्होंने युवाओं को संगठित करने और सामाजिक समरसता के लिए कार्य किया।

वर्ष 2025 में वे जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए और इसके पश्चात जिला पंचायत अध्यक्ष, गरियाबंद के रूप में चुने गए। अपने कार्यकाल में उन्होंने ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को बढ़ावा देने और प्रशासन तथा जनता के बीच समन्वय स्थापित करने में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उपलब्धियां

गौरीशंकर कश्यप को एक युवा और सक्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में पहचाना जाता है। उन्होंने कम आयु में जिला पंचायत अध्यक्ष का पद प्राप्त किया और सामाजिक समरसता के लिए निरंतर कार्य किया। उन्होंने अपने मानदेय को समाज सेवा हेतु समर्पित करने का निर्णय लिया, जिसे व्यापक सराहना मिली।

सम्मान

गौरीशंकर कश्यप को समाज सेवा और जनहित कार्यों के लिए दैनिक भास्कर द्वारा “प्राइड अवार्ड” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें दिल्ली में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के हाथों प्रदान किया गया।

सामाजिक सेवा

गौरीशंकर कश्यप सामाजिक समरसता, जाति-मुक्त समाज और ग्रामीण विकास के लिए विभिन्न अभियानों का नेतृत्व करते हैं। वे जरूरतमंद परिवारों की सहायता, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार तथा किसानों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्यरत हैं।

व्यक्तिगत जीवन

गौरीशंकर कश्यप का उद्देश्य एक समरस, आत्मनिर्भर और जाति-मुक्त समाज का निर्माण करना है। वे युवाओं को नेतृत्व के लिए प्रेरित करने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

बाहरी कड़ियाँ